पत्नी को खुश करने वाली शायरी यकीनन किसी भी पत्नी के लिए सबसे सुंदर पल होता है जब उसका पति अपने मन की भावनाओं को कविता या शायरी के द्वारा बताता है|पति-पत्नी का रिश्ता सबसे सुंदर परन्तु नाजुक भी सबसे ज्यादा है|

यह सोलह आने सच है कि यदि पत्नी खुश है तो बस जन्नत भी जमीं पर ही है|अपनी सजनी को खुश रखना हर पति का कर्तव्य के साथ साथ घर के माहौल को आनंदित बनाये रखने के लिए भी जरुरी है|

पढ़ना न भूलें

|पत्नी के महत्त्व पर दिल से लिखी भाव पूर्ण शायरी|

पत्नी को खुश करने वाली शायरी

पत्नी को खुश करने वाली शायरी की कर बात,पति सुनाएँ दिल के हर जज्बात

पत्नी की तारीफ में कविताएँ | 65 रचनाएँ सबके मन को भाएँ

1)चाँद और चांदनी सी है,सुंदर जोड़ी हमारी

तुम्हारे बिन नहीं लगती,कहीं तबियत हमारी|

 

2)जीवन में मेरे, एक अहसास हो प्यारा

तुम्हारा साथ ही लगता है, सबसे न्यारा|

 

3)नफ़स दर नफ़स,तुम्हीं ही बसी हो

देखूं जिधर भी,दिखती बस तुम्हीं हो|

(नफ़स दर नफ़स=हर साँस के साथ जुड़ा होना)

 

4)ये काजल भरी निगाहें,सितम करती है

तिरछी अदाएं तुम्हारी,बैचेन करती हैं।

 

5)आत्मविश्वास तुम्हारा, उफ़्फ़! तौबा

बातचीत का अन्दाज़,उफ़्फ़!! तौबा।

 

6)तनाव और चिंता देख तुम्हें,हो जाती दूर

शांतचित्त प्रवृति से दिखता, चेहरे पर नूर।

😊🌹😊

 

7)एक अनोखी ऊर्जा से,रहती हो प्रफुल्लित

आशावादी बन हर वक्त,सदा ही उत्साहित।

 

8)अच्छा यह तो बताओ,मेरी प्रिय पत्नी आप

इतनी पजेसिव क्यूँ हो,मुझे लेकर दिन रात।

 

9)इस दिल में तुम्हारा ही, बसेरा है

जाना नहीं कहीं,ये अब सिर्फ़ तेरा है।

 

10)मेरे जीवन का हो, तुम्हीं सुंदर आधार

समर्पण त्याग अद्भुत,करती हो प्यार|

 

11)यूँ रूठा न करो,घबरा जाता हूँ

प्यार है कितना,बता नहीं पाता हूँ।

 

12)जानेमन यूहीं नहीं,तुम्हें है कहते

हो जान हमारी,मन में तुम्हीं हो रहते।

 

13)मायके जाने का, यूँ धीरे से कहना

मजाक है या धमकी,बता हमें देना|

 

14)बागो-बहाँरा में महकती,सुर्ख़ गुलाब सी हो

सपनों से जीवन में पूरा होती,ख़्वाब सी हो।

 

15)सुख दुःख तेरे ही संग, बाँटेंगे अपने

हर हाल संग-संग,बुनेंगे सब सपनें|

 

Funny शायरी for wife

 

16)एक बात आज डरते-डरते,यह पूछना चाहता हूँ

ये एकदम ग़ुस्सा क्यूँ आता है,जानना चाहता हूँ।

 

17)सही इंसान की परख,क्या ग़ज़ब तुमने है पाई

हम ही तुम्हारे काबिल है,जौहरी की नज़र पाई।

😀😀

 

18)हर धड़कन में गूंजती,आवाज़ सिर्फ तुम्हारी

हर दिल अजीज हो, तुम जान हो हमारी|

 

19)मेरे उदासी को चुटकियों में,करती हो हल

क्या जानती हो कोई जादू,हैरां होता उसी पल।

 

20)बंद पलकों में,तुम्हारी छवि ही रहती है

महसूस करो मेरे प्यार को,ऐसा कहती है।

 

21)लोग न जाने कैसे पत्नी पर,कुछ भी कह देते हैं

कहना तो बहुत दूर,हम तो सोच में ही डरते है|

 

22)दूर होती हो जब,तो अकेलापन सताता है

भीड़ में भी तन्हाई का,अहसास कराता है|

 

23)जन्नत को जमीं पर ही,सदा महसूस करता हूँ

तुम्हारे बिन रह नहीं पाउँगा,दिल से कहता हूँ|

 

24)माफ़ी मांगने से गर गुस्सा, होता हो कम

चलो माफ़ कर दो,हंस भी दो अब सनम|

 

25)प्रेयसी से पत्नी का सफ़र,तुमने खूब निभाया है

मुझ पर ही नहीं,घर में सब पर ही जादू चलाया है।

 

जीवनसंगिनी को प्रसन्न करने वाली शायरी

 

26)एक जन्म ही नहीं,सात जन्मों का बंधन बांधा है

विश्वास प्रेम का तुम से, मान का सुंदर नाता है|

 

27)ग़ुस्से में रहती हो,क्यों इतना ख़फ़ा-ख़फ़ा

बी पी मत बढ़ाओ,करो मैटर को रफ़ा-दफ़ा।

 

28)कहना बहुत चाहता हूँ,अल्फाज़ नहीं मिलते

दिल चीर कर दिखाने के, मुझे अंदाज़ नहीं मिलते|

 

29)खुदा से तुम्हारी सलामती की, करता हूँ दुआएं

घर की रानी हो मेरी,खुश रहने की करता कामनाएं|

 

30)तुम से ज्यादा खुद की अक्सर,वाहवाही करता हूँ

पसंद नगीना किया है.परखी नज़र जो रखता हूँ|

 

31)हर धड़कन में गूंजती,आवाज़ सिर्फ तुम्हारी

हर दिल अजीज हो, तुम जान हो हमारी|

 

32)रुख्सार पर रहती है, सदा छाई सुर्ख सी रंगत

चाहता हूँ बस बनी रहे, हर जन्म तुम्हारी प्यारी संगत||

 

33)मोह्हबत का मीठा अहसास, तुमने ही कराया

एक लापरवाह इन्सान को, शायर तुमने बनाया|

 

34)संवेदनशील इंसान हूँ,ख़ामोश हो जाता हूँ

बोलने की आदत  नहीं है मुझे,चुपचाप सुनता हूँ।

 

35)घर में होती जब, मान सम्मान की बात

पत्नी जी आता है पहले,आपका ही नाम|

 

सजनी की तारीफ में काव्याभिव्यक्ति

 

36)देखो इग्नोर यूँ जान बूझ कर,मत कभी किया करो

पति बनाम प्रेमी हूँ तुम्हारा,ये सितम मत किया करो।

 

37)छोटी छोटी बातों पर यूँ,जब अचानक रूठ जाती हो

बता नहीं सकता दिल को, कितना तब तड़पाती हो|

 

38)कोई कुछ भी कहे,बात मगर यह एकदम सच्ची है

पत्नी बिना पति की जीवन नैया, तो कभी नहीं चलती है।

 

39)सुनो जानेमन,महँगे तोहफ़े अब,लाकर दूँगा तभी

शायरी पर मेरी दाद,दोगी जब तुम भी अभी-अभी।

😊😊

 

40)क़िस्मत को नहीं मानता था,

अब मानने लगा हूँ

ख़्वाब हक़ीक़त में बदलेगा,

चमत्कार मानने लगा हूँ।

 

41)बसंत की सुंदर ऋतु सी,

लिए हो मोहक मुस्कान

छाई हो हर ओर लिए अपनी,

एक अलग सुंदर पहचान|

 

42)मीठी बोली लगती सदा जैसे बहती हो,

झरने की सी आबशार

हो चाहे कितनी भी थकान,

मन होता प्रफ्फुलित देख मोहक मुस्कान|

 

43)जन्मदिन तुम्हारा भूलने की आदत,

अच्छी तो नहीं है

पर याद दिलाने पर पार्टी देते है,

क्या ये भी याद नहीं है|

 

44)जब से आई हो जीवन में,

हर पल सुहाना हो गया

मैं तो था आवारा बादल,

जिम्मेदार इन्सान हो गया|

 

45)मेरी छोटी सी तरक़्क़ी पर भी,

होती हो इतना प्रसन्न

मानों प्रमोशन मेरा नहीं,

तुम्हारा ही हुआ हो जानेमन|

 

पत्नी को खुश करने वाली रचनाएँ

 

46)चेहरे की मासूमियत में,

एक मीठी कशिश नज़र आती है

परियों से मिला तो नहीं पर,

तुम में ही परी नज़र आती है|

 

47)संगीत की मधुर लय लिए,

पायल की झंकार लगती हो

हलकी सी मुस्कान अधरों पर अपने,

हमेशा ही रखती हो|

 

48)ये सेहत के नाम पर घिया तोरी,

रोज़ खिलाती रहती हो क्यूँ

स्वादिष्ट पकवान बना अपने हाथों से,

प्यार से खिलाती नहीं क्यूँ।

 

49)दो शब्दों में अपनी दिल की बात,

प्रिय कहना चाहूँगा

सुंदर सूरत व सीरत प्यारी,

शुक्रिया रब को कहना चाहूँगा।

 

50)तुम्हारी नशीली आँखों से,

खुमारी आती है,पर बताते नहीं है

पीता नहीं हूँ पर लोग,

शराबी कहने से बाज़ आते नहीं है।

 

51)हम मनाएंगे जरुर,

बखूबी मालूम है तुम्हे, है न सजनी

शायद इसलिए जल्दी जल्दी,

नाराजगी  दिखाती हो अपनी|

 

52)संसार में घूमा तो  बहुत हूँ,

सुकून तुम से ही  मिलता है

थाम लेती हो जब हाथ,

नसीब मेरा खुशनसीब समझता है|

 

53)तुम बिन रहने का ख्याल तो

सोच भी नहीं सकता

मेरे ख्वाबों में हो रची- बसी,

बया कर नहीं सकता|

 

54)समस्या का एकाग्रता से,

ढूँढती हो हर बार समाधान

हे-ईश्वर धन्यवाद,

दिया पत्नी के रूप में दोस्त महान।

love you Dear🌹🌹

 

55)ख़ुद पर ही रखती हो विश्वास,

गर्व करता हूँ बहुत

दोस्त सच्ची बन कर,

साथ देती हो सदा वक्त -बेवक्त।

 

पत्नी को खुश करने वाले कोट्स

 

56)खुश करने के लिए तुम्हें,

हर हद मैं पार कर जाऊँगा

मुस्कुराती रहना सदा,

प्यार का नयी दास्ताँ  रच जाऊँगा।

 

57)तुम्हारा बिंदास हो,

हर वक्त हल्ला मचाना तुम पर जँचता है

चुप हो बैठती हो जब,

दिमाग़ थोड़ा भन्ना सा जाता है।

 

58)जुल्फों रुखसार पर बिखरी,

नादाँ सी अल्हड़पन भरी अदाएं

फुर्सत में ही बनाया होगा

खुदा ने कबूल की मेरी दुआएं|

 

59)हमारे तुम्हारे रिश्ते में,

ना हो कभी कोई तकरार

अच्छे से जानती हो,

करते है तुमसे कितना प्यार|

 

60)तुम्हारे रूठ जाने पर,

मुझे अच्छा कुछ भी नहीं लगता

समझ नहीं आता तुम्हे क्या आखिर,

अच्छा नहीं लगता|

 

61)यूँ इस तरह नाराजगी दिखाना,

समझ नहीं पाते है हम

कसूर कब हुआ क्या हुआ,

जान भी नहीं पाते है हम|

 

62)नये लोगों से  बच कर रहिए,

बड़ों की तरह अक्सर समझाती हो

कभी बेटी सा स्नेह,

तो कभी दुर्गा  के रूप में भी आ जाती हो।

 

63)माथे पर छोटी सी बिंदी और

ढलका हुआ आँचल खूब फबता है

काजल भरे नयनों में मासूमियत इतनी

बस देख तुम्हें हर वक्त मचलता है|

 

64)दुल्हने-लिबास में आई थी

बन हमारी शरीके-हयात

हंसी ख़ुशी से मिल कर बनेगी

जिन्दगी अब तो लुत्फे-हयात|

 

65)पक्षियों का कलरव,कोयल की कूक

बूँदों की हल्की बौछारें,सप्तक की गूंज

गंगा जल सी अविरल धार,शहद की मिठास

सर्वगुण संपन्न हो,प्रिय पत्नी तुम ज्यों मधुमास।

♥️♥️

पत्नी को खुश करने वाली शायरी,हर पति के लिए एक अच्छी तरकीब है जिसे वो अपनी जीवनसंगिनी को सुना कर उन्हें प्रसन्न कर सकते है।पत्नी को खुश करती कविताएँ पढ़िए और सुनाइए भी।😊Comment Box में ब्लॉग के बातें में बताइए ज़रूर।